आजकल जैसे जैसे हम आधुनिकीकरण की तरफ बढ़ रहे हैं वैसे-वैसे आईने की मांग बढ़ती जा रही है घर से लेकर ऑफिस तक गाड़ियों से लेकर कंपनियों तक हर जगह उपयोग में आने वाली सबसे आवश्यक और महत्वपूर्ण वस्तु आईना है बाथरूम से लेकर बेडरूम तक हर जगह इसकी जरूरत होती है.
गरीबों से लेकर अमीरों तक हर एक के घर में आईना होता है आजकल के दौर में इसकी मांग बहुत ही ज्यादा है.
आजकल वाहन मोटरसाइकिल कार रिक्शा ट्रैक्टर ट्रक हर प्रकार के वाहनों में भी आईने काफी आवश्यक होते हैं.
आजकल तो अधिकतर ऑफिस और कंपनियों के दरवाजे भी आई नो से बनाए जाते हैं कहीं-कहीं जगह पर आईने की दीवारें भी लगाई जाती है.
कारपोरेट ऑफिस से लेकर बैंक के कार्यालय तक सिनेमाघरों से लेकर बड़ी बड़ी इमारतों तक हर जगह आईने को लगाने का फैशन सा आ गया है.
होटल हो या शोरूम हो क्लब हो या उपहार गृह हो या फिर कपड़े की दुकानें हो हर जगह प्रवेश द्वार आईने से ही बनाया जाता है अधिकतर जगह पर बाहरी सजावट आईने के कांच से ही की जाती है.
इस कार्य को शुरू करने के लिए 20000 स्क्वायर फीट जगह की जरूरत होती है जिसमें 5000 स्क्वायर फीट की इमारत होनी चाहिए अगर मनुष्य वालों की बात करें तो 4 कुशल और 10 अकुशल मनुष्य बलों की आवश्यकता पड़ती है.
अगर हम यंत्र सामग्री खरीदते हैं तो इस पर ₹700000 का खर्च आएगा तथा कच्चा माल ₹200000 तथा प्रत्यक्ष खर्च ₹200000 होंगे.
इस व्यवसाय को शुरू करने पर भी आप को बैंक से 65% का कर ही मिलता है तथा आपको खुद पर 30% अपने पास से लगाना होगा
इस व्यवसाय में वार्षिक कच्चा माल 2400000 रुपए के लगेंगे, काम करने वालों की वेतन 1000000 रुपए होंगे, यातायात खर्च 270000 रुपए होंगे, कर्ज का ब्याज ₹130000 होगा.
गरीबों से लेकर अमीरों तक हर एक के घर में आईना होता है आजकल के दौर में इसकी मांग बहुत ही ज्यादा है.
आजकल वाहन मोटरसाइकिल कार रिक्शा ट्रैक्टर ट्रक हर प्रकार के वाहनों में भी आईने काफी आवश्यक होते हैं.
आजकल तो अधिकतर ऑफिस और कंपनियों के दरवाजे भी आई नो से बनाए जाते हैं कहीं-कहीं जगह पर आईने की दीवारें भी लगाई जाती है.
कारपोरेट ऑफिस से लेकर बैंक के कार्यालय तक सिनेमाघरों से लेकर बड़ी बड़ी इमारतों तक हर जगह आईने को लगाने का फैशन सा आ गया है.
होटल हो या शोरूम हो क्लब हो या उपहार गृह हो या फिर कपड़े की दुकानें हो हर जगह प्रवेश द्वार आईने से ही बनाया जाता है अधिकतर जगह पर बाहरी सजावट आईने के कांच से ही की जाती है.
रा मटेरियल्स
सेल्यूलोस एनमल कलर्स, रसायने, सिंदूर, वार्निश तथा पुत्र क्वालिटी के कांचमशीनरी
एयर कंप्रेसर फिल्टर, कांच साफ करने की मशीन, पानी की टंकी आज की जरूरत होती है.इस कार्य को शुरू करने के लिए 20000 स्क्वायर फीट जगह की जरूरत होती है जिसमें 5000 स्क्वायर फीट की इमारत होनी चाहिए अगर मनुष्य वालों की बात करें तो 4 कुशल और 10 अकुशल मनुष्य बलों की आवश्यकता पड़ती है.
अगर हम यंत्र सामग्री खरीदते हैं तो इस पर ₹700000 का खर्च आएगा तथा कच्चा माल ₹200000 तथा प्रत्यक्ष खर्च ₹200000 होंगे.
इस व्यवसाय को शुरू करने पर भी आप को बैंक से 65% का कर ही मिलता है तथा आपको खुद पर 30% अपने पास से लगाना होगा
इस व्यवसाय में वार्षिक कच्चा माल 2400000 रुपए के लगेंगे, काम करने वालों की वेतन 1000000 रुपए होंगे, यातायात खर्च 270000 रुपए होंगे, कर्ज का ब्याज ₹130000 होगा.

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